وَإِذَا مَرِضۡتُ فَهُوَ يَشۡفِينِ ٨٠
और जब मैं बीमार होता हूँ, तो वही मुझे अच्छा करता है।
तफ़सीर
और जब मैं बीमार होता हूँ, तो वही अकेला मुझे बीमारी से अच्छा करता है, उसके सिवा कोई मुझे स्वास्थ्य देने वाला नहीं है।
وَإِذَا مَرِضۡتُ فَهُوَ يَشۡفِينِ ٨٠
और जब मैं बीमार होता हूँ, तो वही मुझे अच्छा करता है।
और जब मैं बीमार होता हूँ, तो वही अकेला मुझे बीमारी से अच्छा करता है, उसके सिवा कोई मुझे स्वास्थ्य देने वाला नहीं है।