सूरह Ash-Shu'ara, आयत 103

26:103

إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ ١٠٣

निःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर ईमानवाले नहीं थे।

तफ़सीर

इबराहीम अलैहिस्सलाम की इस कहानी तथा झुठलाने वालों के अंजाम में सीख लेने वालों के लिए निश्चय सीख ग्रहण करने का महान अवसर है। और उनमें से अधिकांश लोग ईमान लाने वाले नहीं थे।