सूरह Ash-Shu'ara, आयत 102

26:102

فَلَوۡ أَنَّ لَنَا كَرَّةٗ فَنَكُونَ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ١٠٢

तो यदि वास्तव में हमारे लिए वापस जाने का अवसर होता, तो हम ईमानवालों में से हो जाते।17

फ़ुटनोट

17 इस आयत में संकेत है कि संसार में एक ही जीवन कर्म के लिए मिलता है। और दूसरा जीवन परलोक में कर्मों के फल के लिए मिलेगा।

तफ़सीर

काश हमें एक बार दुनिया के जीवन में लौटने का अवसर मिल जाता, तो हम अल्लाह पर ईमान रखने वालों में से हो जाते।