सूरह As-Saffat, आयत 127

37:127

فَكَذَّبُوهُ فَإِنَّهُمۡ لَمُحۡضَرُونَ ١٢٧

किंतु उन्होंने उसे झुठला दिया। तो निश्चय वे अवश्य हाज़िर किए जाने वाले हैं।

तफ़सीर

तो उनकी जाति की प्रतिक्रिया यह थी कि उन्होंने उसे झुठला दिया, इसलिए वे अपने झुठलाने के कारण यातना में उपस्थित किए जाने वाले हैं।