सूरह As-Saffat, आयत 128

37:128

إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ ١٢٨

सिवाय अल्लाह के ख़ालिस किए हुए बंदों के।

तफ़सीर

परंतु उनकी जाति में से जो व्यक्ति मोमिन और अल्लाह की इबादत में इख़्लास (निष्ठा) से काम लेने वाला है; तो वह यातना में उपस्थित किए जाने से मुक्ति पाने वाला है।