सूरह As-Saff, आयत 2

61:2

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لِمَ تَقُولُونَ مَا لَا تَفۡعَلُونَ ٢

ऐ ईमान वालो! तुम वह बात क्यों कहते हो जो तुम करते नहीं?

तफ़सीर

ऐ अल्लाह पर ईमान रखने वालो! तुम क्यों कहते हो : हमने ऐसा किया है, जबकि वास्तव में तुमने उसे नहीं किया है?! जैसे तुममें से कोई कहे कि मैं अपनी तलवार से लड़ा और मारा। जबकि वह अपनी तलवार से न लड़ा है और न मारा है।