सूरह As-Saff, आयत 3

61:3

كَبُرَ مَقۡتًا عِندَ ٱللَّهِ أَن تَقُولُواْ مَا لَا تَفۡعَلُونَ ٣

अल्लाह को अत्यंत अप्रिय है कि तुम वह बात कहो, जो तुम करते नहीं।

तफ़सीर

यह अल्लाह के निकट बहुत घृणित और अप्रिय बात है कि तुम वह कहो जो तुम करते नहीं। इसलिए मोमिन के लिए उचित यही है कि वह अल्लाह के साथ सच्चा हो। उसकी करनी उसकी कथनी की पुष्टि करे।