وَيَوۡمَ تَقُومُ ٱلسَّاعَةُ يُقۡسِمُ ٱلۡمُجۡرِمُونَ مَا لَبِثُواْ غَيۡرَ سَاعَةٖۚ كَذَٰلِكَ كَانُواْ يُؤۡفَكُونَ ٥٥
और जिस दिन क़ियामत क़ायम होगी, अपराधी क़समें खाएँगें कि वे घड़ी भर21 से अधिक नहीं ठहरे। इसी तरह वे बहकाए जाते थे।
फ़ुटनोट
21 अर्थात संसार में।
तफ़सीर
क़ियामत के दिन अपराधी कसमें खाकर कहेंगे कि वे अपनी कब्रों में एक घड़ी से अधिक नहीं ठहरे। जिस तरह वे यह जानने से विचलित कर दिए गए कि वे अपनी क़ब्रों में कितना ठहरे, उसी तरह वे दुनिया में सत्य से फेर दिए जाते थे।