وَقَالَ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡعِلۡمَ وَٱلۡإِيمَٰنَ لَقَدۡ لَبِثۡتُمۡ فِي كِتَٰبِ ٱللَّهِ إِلَىٰ يَوۡمِ ٱلۡبَعۡثِۖ فَهَٰذَا يَوۡمُ ٱلۡبَعۡثِ وَلَٰكِنَّكُمۡ كُنتُمۡ لَا تَعۡلَمُونَ ٥٦
तथा जिन लोगों को ज्ञान और ईमान दिया गया, वे कहेंगे कि तुम अल्लाह के लेख के अनुसार उठाए जाने के दिन तक ठहरे रहे। तो यह उठाए जाने का दिन है। लेकिन तुम नहीं जानते थे।
तफ़सीर
जिन लोगों को अल्लाह ने ज्ञान और ईमान दिया जैसे अंबिया और फ़रिश्ते, वे कहेंगे : अल्लाह ने अपने पूर्व ज्ञान में जो लिखा था, उसके अनुसार तुम अपने सृजन के दिन से लेकर अपने पुनर्जीवन के इस दिन तक ठहरे हो, जिसे तुमने अस्वीकार कर दिया था। तो यह लोगों के अपनी कब्रों से उठाए जाने का दिन है। लेकिन तुम नहीं जानते थे कि दोबारा जीवित होकर उठना एक वास्तविकता है, इसलिए तुमने उसपर विश्वास नहीं किया।