सूरह Ar-Ra'd, आयत 15

13:15

وَلِلَّهِۤ يَسۡجُدُۤ مَن فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ طَوۡعٗا وَكَرۡهٗا وَظِلَٰلُهُم بِٱلۡغُدُوِّ وَٱلۡأٓصَالِ۩ ١٥

और आकाशों तथा धरती में जो भी है, अल्लाह ही को सजदा कर रहा है, स्वेच्छा से या अनिच्छा से और उनकी परछाइयाँ6 भी सुबह और शाम।7

फ़ुटनोट

6 अर्थात सब उसके स्वभाविक नियम के अधीन हैं।

7 यहाँ सजदा करना चाहिए।

तफ़सीर

आकाशों और धरती में जो भी हैं, सब अकेले अल्लाह ही को सजदा करते हैं। इसमें मोमिन और काफ़िर बराबर हैं। सिवाय इसके कि मोमिन उसके सामने स्वेच्छा से झुकता और सजदा करता है। जबकि काफ़िर न चाहते हुए भी उसके सामने झुकने पर मजबूर होता है। तथा उसकी प्रकृति उसे उसके सामने स्वेच्छा से झुकने के लिए निर्देश देती है। और प्राणियों में से जिसकी भी परछाई है, उसकी परछाई दिन की शुरुआत और उसके अंत में उसी के अधीन होती है।