أَلَآ إِنَّ لِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۖ قَدۡ يَعۡلَمُ مَآ أَنتُمۡ عَلَيۡهِ وَيَوۡمَ يُرۡجَعُونَ إِلَيۡهِ فَيُنَبِّئُهُم بِمَا عَمِلُواْۗ وَٱللَّهُ بِكُلِّ شَيۡءٍ عَلِيمُۢ ٦٤
सावधान! अल्लाह ही का है, जो कुछ आकाशों तथा धरती में है। निश्चय वह जानता है जिस (दशा) पर तुम हो। और जिस दिन वे उसकी ओर लौटाए जाएँगे, तो वह उन्हें बताएगा47, जो कुछ उन्होंने किया और अल्लाह प्रत्येक चीज़ को भली-भाँति जानने वाला है।
फ़ुटनोट
47 अर्थात प्रलय के दिन तुम्हें तुम्हारे कर्मों का फल देगा।
तफ़सीर
सुन लो! आकाशों और धरती में जो कुछ है, सबका पैदा करने वाला, मालिक और प्रबंध करने वाला अकेला अल्लाह है। (ऐ लोगो!) वह तुम्हारी स्थितियों को जानता है, उनमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं रहता। तथा क़ियामत के दिन (जब वे मृत्यु के बाद दोबारा जीवित होकर अल्लाह के पास लौटेंगे), तो वह उन्हें दुनिया में उनके किए हुए कार्यों से सूचित कर देगा। और अल्लाह सब कुछ जानता है। आकाशों में या धरती पर कुछ भी उससे छिपा नहीं है।