تَبَارَكَ ٱلَّذِي نَزَّلَ ٱلۡفُرۡقَانَ عَلَىٰ عَبۡدِهِۦ لِيَكُونَ لِلۡعَٰلَمِينَ نَذِيرًا ١
बहुत बरकत वाला है वह (अल्लाह), जिसने अपने बंदे1 पर फ़ुरक़ान2 उतारा, ताकि वह समस्त संसार-वासियों को सावधान करने वाला हो।
फ़ुटनोट
1 इससे अभिप्राय मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम हैं, जो पूरे मानव संसार के लिए नबी बनाकर भेजे गए हैं। ह़दीस में है कि आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया कि मुझसे पहले नबी अपनी विशेष जाति के लिए भेजे जाते थे, और मुझे सर्व साधारण लोगों की ओर नबी बनाकर भेजा गया है। (सह़ीह़ बुख़ारी : 335, सह़ीह़ मुस्लिम : 521)
2 फ़ुरक़ान का अर्थ है सच और झूठ, एकेश्वरवाद और बहुदेववाद, न्याय और अन्याय के बीच अंतर करने वाला। इससे अभिप्राय क़ुरआन है।
तफ़सीर
उस अस्तित्व की भलाई बहुत अधिक और बहुल है, जिसने अपने बंदे और रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर सत्य और असत्य के बीच अंतर करने वाला क़ुरआन उतारा, ताकि वह मानव जाति और जिन्न की ओर, उन्हें अल्लाह की यातना से डराने वाला रसूल हो जाए।