सूरह An-Nur, आयत 51

24:51

إِنَّمَا كَانَ قَوۡلَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ إِذَا دُعُوٓاْ إِلَى ٱللَّهِ وَرَسُولِهِۦ لِيَحۡكُمَ بَيۡنَهُمۡ أَن يَقُولُواْ سَمِعۡنَا وَأَطَعۡنَاۚ وَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡمُفۡلِحُونَ ٥١

ईमान वालों का कथन तो यह होता है कि जब अल्लाह और उसके रसूल की ओर बुलाए जाएँ, ताकि आप उनके बीच निर्णय कर दें, तो कहें कि हमने सुन लिया तथा मान लिया। और वही सफल होने वाले हैं।

तफ़सीर

ईमान वालों की बात, जब वे अल्लाह की ओर और रसूल की ओर बुलाए जाएँ, ताकि वह उनके बीच निर्णय करें, केवल यह होती है कि वे कहते हैं : हमने उनकी बात सुनी और उनके आदेश का पालन किया। तथा इन गुणों से विशेषित लोग ही दुनिया और आख़िरत में सफल होने वाले हैं।