सूरह An-Nazi'at, आयत 6

79:6

يَوۡمَ تَرۡجُفُ ٱلرَّاجِفَةُ ٦

जिस दिन काँपने वाली (अर्थात् धरती) काँप उठेगी।

तफ़सीर

जिस दिन सूर में पहली फूँक के समय धरती हिलने लगेगी।