فَغَشَّىٰهَا مَا غَشَّىٰ ٥٤
तो ढाँप दिया16 उसे जिस चीज़ से ढाँपा।
फ़ुटनोट
16 अर्थात पत्थरों की वर्षा करके उससे उनकी बस्ती को ढाँप दिया।
तफ़सीर
तो उसने उन्हें आकाश की ओर उठाकर ज़मीन पर गिराने के बाद, उन्हें पत्थरों की बारिश से ढाँप दिया।
فَغَشَّىٰهَا مَا غَشَّىٰ ٥٤
तो ढाँप दिया16 उसे जिस चीज़ से ढाँपा।
16 अर्थात पत्थरों की वर्षा करके उससे उनकी बस्ती को ढाँप दिया।
तो उसने उन्हें आकाश की ओर उठाकर ज़मीन पर गिराने के बाद, उन्हें पत्थरों की बारिश से ढाँप दिया।