सूरह An-Najm, आयत 4

53:4

إِنۡ هُوَ إِلَّا وَحۡيٞ يُوحَىٰ ٤

वह तो केवल वह़्य है, जो उतारी जाती है।

तफ़सीर

यह क़ुरआन तो केवल वह़्य (प्रकाशना) है, जिसे अल्लाह जिबरील अलैहिस्सलाम के माध्यम से आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर उतारता है।