सूरह An-Najm, आयत 3

53:3

وَمَا يَنطِقُ عَنِ ٱلۡهَوَىٰٓ ٣

और न वह अपनी इच्छा से बोलता है।

तफ़सीर

और वह इस क़ुरआन को अपनी इच्छा से नहीं बोलते हैं।