सूरह An-Najm, आयत 2

53:2

مَا ضَلَّ صَاحِبُكُمۡ وَمَا غَوَىٰ ٢

तुम्हारा साथी न तो रास्ते से भटका है और न ही गलत रास्ते पर चला है।

तफ़सीर

मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम न हिदायत के रास्ते से भठके हैं और न टेढ़ी राह पर चले हैं, बल्कि वह सीधे रास्ते पर क़ायम हैं।