وَإِذَا رَءَا ٱلَّذِينَ ظَلَمُواْ ٱلۡعَذَابَ فَلَا يُخَفَّفُ عَنۡهُمۡ وَلَا هُمۡ يُنظَرُونَ ٨٥
और जब अत्याचारी लोग यातना देख लेंगे, तो न उनकी यातना कुछ कम की जाएगी और न उन्हें अवसर दिया39 जाएगा।
फ़ुटनोट
39 अर्थात तौबा करने का।
तफ़सीर
और जब शिर्क करने वाले अत्याचारी लोग यातना को देख लेंगे, तो उनसे यातना कम नहीं की जाएगी और न ही उनसे यातना को टालकर उन्हें मोहलत दी जाएगी। बल्कि वे उसमें हमेशा-हमेशा के लिए प्रवेश करेंगे।