إِنَّمَا سُلۡطَٰنُهُۥ عَلَى ٱلَّذِينَ يَتَوَلَّوۡنَهُۥ وَٱلَّذِينَ هُم بِهِۦ مُشۡرِكُونَ ١٠٠
उसका वश तो केवल उन लोगों पर है, जो उससे दोस्ती रखते हैं और जो उसके कारण शिर्क करने वाले हैं।
तफ़सीर
बुरे ख़यालों द्वारा उसका प्रभुत्व तो केवल उन लोगों पर है, जो उसे अपना दोस्त बनाते हैं और उसके बहकावे में उसका पालन करते हैं, तथा उसके बहकाने के कारण अल्लाह का साझी बनाने वाले हैं, उसके साथ दूसरे की पूजा करते हैं।