وَجَنَّٰتٍ أَلۡفَافًا ١٦
और घने-घने बाग़।2
फ़ुटनोट
2 (6-16) इन आयतों में अल्लाह की शक्ति और प्रतिपालन (रूबूबिय्यत) के लक्षण दर्शाए गए हैं, जो यह साक्ष्य देते हैं कि प्रतिकार (बदले) का दिन आवश्यक है, क्योंकि जिसके लिए इतनी बड़ी व्यवस्था की गई हो और उसे कर्मों के अधिकार भी दिए गए हों, तो उसके कर्मों का पुरस्कार या दंड तो मिलना ही चाहिए।
तफ़सीर
और उसके द्वारा ऐसे बाग़ उगाएँ, जो अपने पेड़ों की शाखाओं के आपस में गुथे होने के कारण गुंजान और घने हैं।