لِّنُخۡرِجَ بِهِۦ حَبّٗا وَنَبَاتٗا ١٥
ताकि हम उसके द्वारा अन्न और वनस्पति उगाएँ।
तफ़सीर
ताकि हम उसके द्वारा विभिन्न प्रकार के अन्न और नाना प्रकार की वनस्पतियाँ उगाएँ।
لِّنُخۡرِجَ بِهِۦ حَبّٗا وَنَبَاتٗا ١٥
ताकि हम उसके द्वारा अन्न और वनस्पति उगाएँ।
ताकि हम उसके द्वारा विभिन्न प्रकार के अन्न और नाना प्रकार की वनस्पतियाँ उगाएँ।