لَأٓكِلُونَ مِن شَجَرٖ مِّن زَقُّومٖ ٥٢
निश्चय ही ज़क़्क़ूम (थूहड़) के वृक्ष में से खाने वाले हो।5
फ़ुटनोट
5 (देखिए : सूरह साफ़्फ़ात, आयत : 62)
तफ़सीर
51-52 - फिर निःसंदेह (ऐ मरणोपरांत पुनः जीवित किए जाने का इनकार करने वालो! सीधे मार्ग से भटके हुए लोगो!) तुम निश्चय क़ियामत के दिन ज़क़्क़ूम (थूहड़) के वृक्ष का फल खाने वाले हो, जो कि सबसे बुरा और सबसे गंदा फल है।