وَتَذَرُونَ ٱلۡأٓخِرَةَ ٢١
और बाद में आने वाली (आख़िरत) को छोड़ देते हो।
तफ़सीर
तथा तुम्हारा आख़िरत के जीवन को छोड़ देना है, जिसका रास्ता अल्लाह के आदेशों का पालन करना और उसकी हराम की हुई चीज़ों से बचना है।
وَتَذَرُونَ ٱلۡأٓخِرَةَ ٢١
और बाद में आने वाली (आख़िरत) को छोड़ देते हो।
तथा तुम्हारा आख़िरत के जीवन को छोड़ देना है, जिसका रास्ता अल्लाह के आदेशों का पालन करना और उसकी हराम की हुई चीज़ों से बचना है।