सूरह Al-Qiyamah, आयत 11

75:11

كَلَّا لَا وَزَرَ ١١

कदापि नहीं, शरण लेने का स्थान कोई नहीं।

तफ़सीर

उस दिन भागने का कोई अवसर न होगा और न ही कोई शरण स्थल होगा, जहाँ कुकर्मी शरण ले सके और न कोई बचने का स्थान होगा, जहाँ पहुँचकर बच सके।