كَلَّا لَا وَزَرَ ١١
कदापि नहीं, शरण लेने का स्थान कोई नहीं।
तफ़सीर
उस दिन भागने का कोई अवसर न होगा और न ही कोई शरण स्थल होगा, जहाँ कुकर्मी शरण ले सके और न कोई बचने का स्थान होगा, जहाँ पहुँचकर बच सके।
كَلَّا لَا وَزَرَ ١١
कदापि नहीं, शरण लेने का स्थान कोई नहीं।
उस दिन भागने का कोई अवसर न होगा और न ही कोई शरण स्थल होगा, जहाँ कुकर्मी शरण ले सके और न कोई बचने का स्थान होगा, जहाँ पहुँचकर बच सके।