وَإِن يَرَوۡاْ ءَايَةٗ يُعۡرِضُواْ وَيَقُولُواْ سِحۡرٞ مُّسۡتَمِرّٞ ٢
और यदि वे कोई निशानी देखते हैं, तो मुँह फेर लेते हैं और कहते हैं कि (यह) एक जादू है जो समाप्त हो जाने वाला है।
तफ़सीर
और यदि मुश्रिक लोग नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सत्यता का कोई प्रमाण और संकेत देखते हैं, तो उसे स्वीकार करने से मुँह फेर लेते हैं और कहते हैं : हमने जो प्रमाण और तर्क देखे हैं, वह सब झूठा जादू है।