وَغَدَوۡاْ عَلَىٰ حَرۡدٖ قَٰدِرِينَ ٢٥
और वे सुबह-सुबह (यह सोचकर) निकले कि वे (निर्धनों को) रोकने में सक्षम हैं।
तफ़सीर
और वे सुबह-सवेरे इस हाल में चल पड़े कि वे अपने फलों को (गरीबों से) रोकने का पक्का इरादा किए हुए थे।
وَغَدَوۡاْ عَلَىٰ حَرۡدٖ قَٰدِرِينَ ٢٥
और वे सुबह-सुबह (यह सोचकर) निकले कि वे (निर्धनों को) रोकने में सक्षम हैं।
और वे सुबह-सवेरे इस हाल में चल पड़े कि वे अपने फलों को (गरीबों से) रोकने का पक्का इरादा किए हुए थे।