أَن لَّا يَدۡخُلَنَّهَا ٱلۡيَوۡمَ عَلَيۡكُم مِّسۡكِينٞ ٢٤
कि आज उस (बाग़) में तुम्हारे पास कोई निर्धन6 हरगिज़ न आने पाए।
फ़ुटनोट
6 ताकि उन्हें कुछ दान न करना पड़े।
तफ़सीर
वे आपस में कह रहे थे : आज बाग़ में तुम्हारे पास कोई ग़रीब हरगिज़ न पहुँचने पाए।