सूरह Al-Mursalat, आयत 3

77:3

وَٱلنَّٰشِرَٰتِ نَشۡرٗا ٣

और बादलों को फैलाने वाली हवाओं1 की क़सम!

फ़ुटनोट

1 अर्थात जो हवाएँ अल्लाह के आदेशानुसार बादलों को फैलाती हैं।

तफ़सीर

और अल्लाह ने उन हवाओं की क़सम खाई है, जो बादलों को फैलाती हैं।