सूरह Al-Mursalat, आयत 26

77:26

أَحۡيَآءٗ وَأَمۡوَٰتٗا ٢٦

जीवित और मृत लोगों को।

तफ़सीर

वह उनके जीवित लोगों को इस तरह समेटती है कि वे उसपर रहते-बसते और उसे आबाद करते हैं, और उनके मृतकों को इस तरह कि वे उसमें दफन किए जाते हैं।