सूरह Al-Mu'minun, आयत 78

23:78

وَهُوَ ٱلَّذِيٓ أَنشَأَ لَكُمُ ٱلسَّمۡعَ وَٱلۡأَبۡصَٰرَ وَٱلۡأَفۡـِٔدَةَۚ قَلِيلٗا مَّا تَشۡكُرُونَ ٧٨

और वही है, जिसने तुम्हारे लिए कान तथा आँखें और दिल बनाए।22 तुम बहुत कम आभार प्रकट करते हो।

फ़ुटनोट

22 सत्य को सुनने, देखने और उसपर विचार करके उसे स्वीकार करने के लिए।

तफ़सीर

(ऐ पुनर्जीवन को झुठलाने वालो!) अल्लाह पाक ही ने तुम्हारे लिए कान बनाए; ताकि उनसे सुनो, आँखें बनाईं; ताकि उनसे देखो और दिल बनाए; ताकि उनसे समझो। फिर भी तुम इन नेमतों पर उसका बहुत कम ही शुक्रिया अदा करते हो।