وَٱلَّذِينَ هُمۡ عَنِ ٱللَّغۡوِ مُعۡرِضُونَ ٣
और जो व्यर्थ चीज़ों1 से मुँह मोड़ने वाले हैं।
फ़ुटनोट
1 अर्थात प्रत्येक व्यर्थ कार्य तथा कथन से। आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया : जो अल्लाह और प्रलय के दिन पर ईमान रखता है, वह अच्छी बात बोले, अन्यथा चुप रहे। (सह़ीह़ बुख़ारी : 6019, मुस्लिम : 48)
तफ़सीर
जो व्यर्थ, निरर्थक और अवज्ञा की बातों और कामों से उपेक्षा करने वाले हैं।