सूरह Al-Mujadilah, आयत 11

58:11

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ إِذَا قِيلَ لَكُمۡ تَفَسَّحُواْ فِي ٱلۡمَجَٰلِسِ فَٱفۡسَحُواْ يَفۡسَحِ ٱللَّهُ لَكُمۡۖ وَإِذَا قِيلَ ٱنشُزُواْ فَٱنشُزُواْ يَرۡفَعِ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ مِنكُمۡ وَٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡعِلۡمَ دَرَجَٰتٖۚ وَٱللَّهُ بِمَا تَعۡمَلُونَ خَبِيرٞ ١١

ऐ ईमान वालो! जब तुमसे कहा जाए कि सभाओं में जगह कुशादा7 कर दो, तो कुशादा कर दिया करो। अल्लाह तुम्हारे लिए विस्तार पैदा करेगा। तथा जब कहा जाए कि उठ जाओ, तो उठ जाया करो। अल्लाह तुममें से उन लोगों के दर्जे ऊँचे8 कर देगा, जो ईमान लाए तथा जिन्हें ज्ञान प्रदान किया गया है। तथा तुम जो कुछ करते हो, अल्लाह उससे भली-भाँति अवगत है।

फ़ुटनोट

7 भावार्थ यह है कि कोई आए, तो उसे भी खिसककर और आपस में सुकड़ कर जगह दो।

8 ह़दीस में है कि जो अल्लाह के लिए झुकता और अच्छा व्यवहार चयन करता है तो अल्लाह उसे ऊँचा कर देता है। (सह़ीह़ मुस्लिम : 2588)

तफ़सीर

ऐ अल्लाह पर ईमान रखने वालो और उसकी शरीयत पर अमल करने वालो! जब तुमसे कहा जाए कि मजलिसों (बैठकों) में जगह कुशादा कर दो, तो उनमें जगह बना दिया करो। अल्लाह तुम्हारे सांसारिक जीवन तथा आख़िरत में तुम्हारे लिए विस्तार पैदा करेगा। और जब तुमसे कहा जाए : कुछ मजलिसों से उठ जाओ, ताकि वहाँ प्रतिष्ठित लोग बैठ सकें, तो वहाँ से उठ जाया करो। अल्लाह तुममें से उन लोगों के दर्जों (पदों) को बहुत ऊँचा करेगा, जो ईमान लाए और जो ज्ञान दिए गए। और अल्लाह तुम्हारे कार्यों से पूरी तरह अवगत है। उससे तुम्हारे कार्यों में से कुछ भी छिपा नहीं है। और वह तुम्हें उनका बदला देगा।