وَأَطِيعُواْ ٱللَّهَ وَأَطِيعُواْ ٱلرَّسُولَ وَٱحۡذَرُواْۚ فَإِن تَوَلَّيۡتُمۡ فَٱعۡلَمُوٓاْ أَنَّمَا عَلَىٰ رَسُولِنَا ٱلۡبَلَٰغُ ٱلۡمُبِينُ ٩٢
तथा अल्लाह का आज्ञापालन करो और रसूल का आज्ञापालन करो और (अवज्ञा से) सावधान रहो। फिर यदि तुम विमुख हुए, तो जान लो कि हमारे रसूल पर केवल स्पष्ट रूप से (संदेश) पहुँचा देना है।
तफ़सीर
शरीयत के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से दूर रहकर अल्लाह का आज्ञापालन करो और रसूल का आज्ञापालन करो तथा अवज्ञा से सावधान रहो। फिर यदि तुम उससे मुँह मोड़ो, तो जान लो कि हमारे रसूल का दायित्व केवल उस संदेश को पहुँचा देना है, जिसका अल्लाह ने उन्हें पहुँचाने का आदेश दिया है और वह उसे पहुँचा चुके हैं। इसलिए यदि तुम मार्गदर्शन अपना लो, तो इसमें तुम्हारा ही लाभ है, और यदि बुरे कर्म करो, तो तुम्हारा ही नुक़सान होगा।