सूरह Al-Ma'idah, आयत 73

5:73

لَّقَدۡ كَفَرَ ٱلَّذِينَ قَالُوٓاْ إِنَّ ٱللَّهَ ثَالِثُ ثَلَٰثَةٖۘ وَمَا مِنۡ إِلَٰهٍ إِلَّآ إِلَٰهٞ وَٰحِدٞۚ وَإِن لَّمۡ يَنتَهُواْ عَمَّا يَقُولُونَ لَيَمَسَّنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِنۡهُمۡ عَذَابٌ أَلِيمٌ ٧٣

निःसंदेह उन लोगों ने कुफ़्र किया, जिन्होंने कहा : निःसंदेह अल्लाह तीन में से तीसरा है! हालाँकि कोई भी पूज्य नहीं है, परंतु एक पूज्य। और यदि वे उससे नहीं रुके जो वे कहते हैं, तो निश्चय उनमें से जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उन्हें अवश्य दर्दनाक यातना पहुँचेगी।

तफ़सीर

उन ईसाइयों ने (भी) कुफ़्र किया, जो कहते हैं : अल्लाह तीन से बना है, वे हैं : पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा। अल्लाह उनकी इन बातों से बहुत बुलंद है। क्योंकि अल्लाह अनेक नहीं है। बल्कि वह केवल एक पूज्य है, जिसका कोई साझी नहीं। यदि वे इस जघन्य बात से नहीं रुके, तो उन्हें एक दर्दनाक यातना पहुँचेगी।