أَفَلَا يَتُوبُونَ إِلَى ٱللَّهِ وَيَسۡتَغۡفِرُونَهُۥۚ وَٱللَّهُ غَفُورٞ رَّحِيمٞ ٧٤
तो क्या वे अल्लाह के समक्ष तौबा नहीं करते तथा उससे क्षमा याचना नहीं करते, और अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
तफ़सीर
तो क्या ये लोग अपनी इस बात से, अल्लाह के समक्ष उससे तौबा करते हुए, पीछे नहीं हटते और उस शिर्क के लिए उससे क्षमा नहीं माँगते जो उन्होंने किया था?! तथा अल्लाह किसी भी गुनाह से तौबा करने वाले को क्षमा कर देने वाला है, भले ही वह गुनाह कुफ़्र ही क्यों न हो, वह ईमान वालों पर बहुत मेहरबान है।