وَإِذَا رَأَوۡاْ تِجَٰرَةً أَوۡ لَهۡوًا ٱنفَضُّوٓاْ إِلَيۡهَا وَتَرَكُوكَ قَآئِمٗاۚ قُلۡ مَا عِندَ ٱللَّهِ خَيۡرٞ مِّنَ ٱللَّهۡوِ وَمِنَ ٱلتِّجَٰرَةِۚ وَٱللَّهُ خَيۡرُ ٱلرَّٰزِقِينَ ١١
और जब उन्होंने कोई व्यापार अथवा खेल-तमाशा देखा, तो उठकर उसकी ओर चले गए10 और उन्होंने आपको खड़ा छोड़ दिया। आप कह दें कि जो अल्लाह के पास है, वह खेल से तथा व्यापार से बेहतर है। और अल्लाह सबसे उत्तम जीविका प्रदान करने वाला है।
फ़ुटनोट
10 ह़दीस में है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जुमुआ का ख़ुत्बा (भाषण) दे रहे थे कि एक कारवाँ ग़ल्ला ले कर आ गया। और सब लोग उसकी ओर दौड़ पड़े। बारह व्यक्ति ही आपके साथ रह गए। उसी पर अल्लाह ने यह आयत उतारी। (सह़ीह़ बुख़ारी : 4899)
तफ़सीर
और जब कुछ मुसलमानों ने व्यापार या खेल-तमाशा देखा, तो वे उसकी ओर निकल गए और उन्होंने (ऐ रसूल) आपको मिंबर पर खड़ा छोड़ दिया। (ऐ रसूल) आप कह दें : अल्लाह के पास अच्छे कर्म का जो बदला है, वह उस व्यापार एवं खेल-कूद से उत्तम है, जिसकी ओर तुम निकलकर गए थे। और अल्लाह सबसे उत्तम रोज़ी देने वाला है।