بَلَىٰٓۚ إِنَّ رَبَّهُۥ كَانَ بِهِۦ بَصِيرٗا ١٥
क्यों नहीं, निश्चय उसका पालनहार उसे देख रहा था।2
फ़ुटनोट
2 (6-15) इन आयतों में इनसान को सावधान किया गया है कि तुझे भी अपने पालनहार से मिलना है। और धीरे-धीरे उसी की ओर जा रहा है। वहाँ अपने कर्मानुसार जिसे दाएँ हाथ में कर्म-पत्र मिलेगा, वह अपनों से प्रसन्न होकर मिलेगा। और जिसको बाएँ हाथ में कर्म-पत्र दिया जाएगा, तो वह विनाश को पुकारेगा। यह वही होगा जिसने माया मोह में क़ुरआन को नकार दिया था। और सोचा कि इस सांसारिक जीवन के पश्चात कोई जीवन नहीं आएगा।
तफ़सीर
क्यों नहीं, निश्चय अल्लाह उसे जीवन में अवश्य वापस लाएगा, जैसा कि उसने उसे पहली बार पैदा किया था। निःसंदेह उसका पालनहार उसकी स्थिति से अवगत था। उससे उसका कुछ भी छिपा नहीं है, और वह उसे उसके काम बदला देगा।