إِنَّا هَدَيۡنَٰهُ ٱلسَّبِيلَ إِمَّا شَاكِرٗا وَإِمَّا كَفُورًا ٣
निःसंदेह हमने उसे रास्ता दिखा दिया।3 (अब) वह चाहे कृतज्ञ बने और चाहे कृतघ्न।
फ़ुटनोट
3 अर्थात नबियों तथा आकाशीय पुस्तकों द्वारा, और दोनों का परिणाम बता दिया गया।
तफ़सीर
हमने अपने रसूलों की ज़बानी उसके लिए हिदायत का रास्ता बयान कर दिया, जिससे उसके लिए गुमराही का मार्ग स्पष्ट हो गया। अब वह इसके बाद या तो सीधे रास्ते को पकड़ ले और अल्लाह का शुक्रगुज़ार मोमिन बंदा बन जाए, और या तो उससे भटक जाए और अल्लाह की आयतों का इनकार करने वाला काफ़िर बंदा बन जाए।