सूरह Al-Insan, आयत 2

76:2

إِنَّا خَلَقۡنَا ٱلۡإِنسَٰنَ مِن نُّطۡفَةٍ أَمۡشَاجٖ نَّبۡتَلِيهِ فَجَعَلۡنَٰهُ سَمِيعَۢا بَصِيرًا ٢

निःसंदेह हमने इनसान को मिश्रित वीर्य2 से पैदा किया, हम उसकी परीक्षा लेते हैं। तो हमने उसे सुनने वाला, देखने वाला बना दिया।

फ़ुटनोट

2 अर्थात नर-नारी के मिश्रित वीर्य से।

तफ़सीर

हमने इनसान को एक पुरुष और एक महिला के पानी से मिश्रित वीर्य से पैदा किया, हम उसे शरई अहकाम का बाध्य करके उसका परीक्षण करते हैं। इसलिए हमने उसे सुनने वाला, देखने वाला बनाया, ताकि हमने उसे शरई अहकाम की जो ज़िम्मेदारी सौंपी है, उसे वह अंजाम दे सके।