सूरह Al-Imran, आयत 63

3:63

فَإِن تَوَلَّوۡاْ فَإِنَّ ٱللَّهَ عَلِيمُۢ بِٱلۡمُفۡسِدِينَ ٦٣

फिर यदि वे मुँह फेरें28, तो निःसंदेह अल्लाह फ़साद करने वालों को भली-भाँति जानने वाला है।

फ़ुटनोट

28 अर्थात् सत्य को जानने की इस विधि को स्वीकार न करें।

तफ़सीर

यदि वे उससे फिर जाएँ, जो आप लेकर आए हैं और वे आपके पीछे न चलें; तो यह उनकी भ्रष्टता (बिगाड़) के कारण है, और अल्लाह धरती पर बिगाड़ करने वालों को खूब जानने वाला है और वह उन्हें उसका बदला देगा।