ٱلَّذِينَ قَالُواْ لِإِخۡوَٰنِهِمۡ وَقَعَدُواْ لَوۡ أَطَاعُونَا مَا قُتِلُواْۗ قُلۡ فَٱدۡرَءُواْ عَنۡ أَنفُسِكُمُ ٱلۡمَوۡتَ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ ١٦٨
ये वही लोग हैं जो स्वयं तो (लड़ाई से) पीछे बैठे रहे और अपने भाइयों के बारे में कहने लगे : यदि वे हमारी बात मानते, तो मारे न जाते! (ऐ नबी!) कह दीजिए : फिर तो मौत93 से अपनी रक्षा कर लो, यदि तुम सच्चे हो।
फ़ुटनोट
93 अर्थात अपने उपाय से सदाजीवी हो जाओ।
तफ़सीर
ये वही लोग हैं जो युद्ध से पीछे रहे और अपने उन रिश्तेदारों के बारे में, जो उहुद के दिन शहीद हो गए, कहने लगे : "यदि वे हमारी बात मान लेते और युद्ध के लिए न निकलते, तो वे मारे नहीं जाते।" ऐ नबी! आप उन्हें उत्तर देते हुए कह दीजिए कि : तो तुम अपने आप से मौत को टालकर दिखाओ, यदि तुम अपने इस दावे में सच्चे हो कि अगर वे तुम्हारी बात मान लेते, तो मारे न जाते, और यह कि तुम्हारे मृत्यु से बच जाने का कारण अल्लाह के रास्ते में जिहाद से पीछे बैठ रहना था।