सूरह Al-Hashr, आयत 3

59:3

وَلَوۡلَآ أَن كَتَبَ ٱللَّهُ عَلَيۡهِمُ ٱلۡجَلَآءَ لَعَذَّبَهُمۡ فِي ٱلدُّنۡيَاۖ وَلَهُمۡ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ عَذَابُ ٱلنَّارِ ٣

और यदि अल्लाह ने उनपर देश-निकाला न लिख दिया होता, तो निश्चय वह उन्हें दुनिया ही में यातना देता तथा उनके लिए आख़िरत में आग की यातना है।

तफ़सीर

और अगर अल्लाह ने उनपर उन्हें उनके घरों से बाहर निकाल दिया जाना न लिख दिया होता, तो निश्चय वह दुनिया में उन्हें क़त्ल और क़ैद की सज़ा देता, और उनके लिए आख़िरत में आग की यातना है, जो उनकी प्रतीक्षा कर रही है, जिसमें वे हमेशा के लिए रहेंगे।