सूरह Al-Haqqah, आयत 42

69:42

وَلَا بِقَوۡلِ كَاهِنٖۚ قَلِيلٗا مَّا تَذَكَّرُونَ ٤٢

और न किसी काहिन की वाणी है, तुम बहुत कम शिक्षा ग्रहण करते हो।

तफ़सीर

यह किसी काहिन की भी वाणी नहीं है। क्योंकि काहिनों की बात इस क़ुरआन से बिलकुल अलग होती है। तुम बहुत कम शिक्षा ग्रहण करते हो।