وَحُمِلَتِ ٱلۡأَرۡضُ وَٱلۡجِبَالُ فَدُكَّتَا دَكَّةٗ وَٰحِدَةٗ ١٤
और धरती तथा पर्वतों को उठाया जाएगा और दोनों को एक ही बार में चूर्ण-विचूर्ण कर दिया जाएगा।3
फ़ुटनोट
3 दोखिए : सूरत ताहा, आयत : 20, आयत : 103, 108.
तफ़सीर
और धरती तथा पहाड़ों को उठाया जाएगा और दोनों को एक ही बार इस ज़ोर से टकराया जाएगा कि धरती के हिस्से तथा उसके पहाड़ों के हिस्से अलग-अलग हो जाएँगे।