सूरह Al-Furqan, आयत 57

25:57

قُلۡ مَآ أَسۡـَٔلُكُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ أَجۡرٍ إِلَّا مَن شَآءَ أَن يَتَّخِذَ إِلَىٰ رَبِّهِۦ سَبِيلٗا ٥٧

आप कह दें : मैं तुमसे इसपर30 कोई बदला नहीं माँगता, सिवाय इसके कि जो चाहे अपने पालनहार की ओर मार्ग अपना ले।

फ़ुटनोट

30 अर्थात क़ुरआन पहुँचाने पर।

तफ़सीर

(ऐ रसूल!) आप कह दें : मैं तुमसे अल्लाह का संदेश पहुँचाने पर कोई बदला नहीं माँगता। परंतु तुममें से जो व्यक्ति कुछ ख़र्च करके अल्लाह की प्रसन्नता का रास्ता अपनाना चाहे, उसे ऐसा करना चाहिए।