وَتَوَكَّلۡ عَلَى ٱلۡحَيِّ ٱلَّذِي لَا يَمُوتُ وَسَبِّحۡ بِحَمۡدِهِۦۚ وَكَفَىٰ بِهِۦ بِذُنُوبِ عِبَادِهِۦ خَبِيرًا ٥٨
तथा उस सदा जीवंत पर भरोसा कीजिए, जो कभी नहीं मरेगा। और उसकी प्रशंसा के साथ पवित्रता का गान कीजिए। और वह अपने बंदों के गुनाहों की पूरी ख़बर रखने वाला काफ़ी है।
तफ़सीर
और (ऐ रसूल!) आप अपने सभी मामलों में उस नित्य जीवी पर भरोसा कीजिए, जिसे कभी मौत नहीं आएगी और उसकी प्रशंसा करते हुए हर प्रकार की कमी से उसकी पवित्रता बयान कीजिए। वह अपने बंदों के गुनाहों की पूरी ख़बर रखने के लिए काफ़ी है। उनमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है और वह उन्हें उनका बदला देगा।