सूरह Al-Furqan, आयत 52

25:52

فَلَا تُطِعِ ٱلۡكَٰفِرِينَ وَجَٰهِدۡهُم بِهِۦ جِهَادٗا كَبِيرٗا ٥٢

अतः आप काफ़िरों की बात न मानें और इस (क़ुरआन) के द्वारा उनसे बड़ा जिहाद28 करें।

फ़ुटनोट

28 अर्थात क़ुरआन के प्रचार-प्रसार के लिए भरपूर प्रयास करें।

तफ़सीर

अतः आप काफ़िरों की उनके साथ नरमी करने की माँग और उनके दिए गए सुझावों को न मानें। तथा अपने ऊपर अवतरित इस क़ुरआन के द्वारा उनसे बड़ा जिहाद (संघर्ष) करें, उनके कष्ट पर धैर्य रखते हुए तथा उन्हें अल्लाह की ओर बुलाने में कठिनाइयों को सहते हुए।