۞ وَهُوَ ٱلَّذِي مَرَجَ ٱلۡبَحۡرَيۡنِ هَٰذَا عَذۡبٞ فُرَاتٞ وَهَٰذَا مِلۡحٌ أُجَاجٞ وَجَعَلَ بَيۡنَهُمَا بَرۡزَخٗا وَحِجۡرٗا مَّحۡجُورٗا ٥٣
वही है जिसने दो सागरों को मिला दिया। यह मीठा, प्यास बुझाने वाला है और यह खारा, कड़वा है। और उसने उन दोनों के बीच एक परदा29 और मज़बूत आड़ बना दी।
फ़ुटनोट
29 ताकि एक का पानी और स्वाद दूसरे में न मिले।
तफ़सीर
पवित्र अल्लाह ही है, जिसने दो समुद्रों के पानी को मिला दिया। उसने उनमें से मीठे को नमकीन के साथ मिलाया और उन दोनों के बीच एक पर्दा और मज़बूत आड़ बना दिया, जो दोनों के पानी को आपस में मिलने से रोकता है।