सूरह Al-Furqan, आयत 2

25:2

ٱلَّذِي لَهُۥ مُلۡكُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَلَمۡ يَتَّخِذۡ وَلَدٗا وَلَمۡ يَكُن لَّهُۥ شَرِيكٞ فِي ٱلۡمُلۡكِ وَخَلَقَ كُلَّ شَيۡءٖ فَقَدَّرَهُۥ تَقۡدِيرٗا ٢

(वह अस्तित्व) जिसके लिए आकाशों तथा धरती का राज्य है, तथा उसने (अपने लिए) कोई संतान नहीं बनाई, और न कभी राज्य में उसका कोई साझी रहा है। तथा उसने प्रत्येक वस्तु की उत्पत्ति की, फिर उसका उचित अंदाज़ा निर्धारित किया।

तफ़सीर

वह अस्तित्व कि केवल उसी के लिए आकाशों और धरती का राज्य है। उसने कोई संतान नहीं बनाई। और उसके राज्य में कभी उसका कोई शरीक नहीं रहा है। तथा उसने सारी चीज़ों को पैदा किया, और अपने ज्ञान एवं हिकमत के अनुसार उनकी रचना का ऐसा अंदाज़ा नियत किया, जो उनके लिए उपयुक्त हो।